पिछले सप्ताहन्त में रूद्रपुर में हुई उत्तराखंड भाजपा की तीन दिनी कार्यसमिति की चिन्तन-मंथन बैठक में प्रदेश के नेताओं को आगे बढ़ने का मंत्र और सबक दे कर गई। पार्टी नेताओं को मोदी फार्मूले पर चलने का जज्बा पैदा करने और माइंड सेट बदलने की नसीहत मिली है। हालांकि इस दौरान प्रदेश भाजपा ने सरकार को घेरने का जो खाका बैठक में खींचा है उसमें बासीपन साफ झलका। जिन मुद्दों के साथ भाजपा आगे बढ़ने का प्लान तैयार कर रही है उसे लंबे समय से भाजपा नेता विधानसभा और अन्य मंचों से उठाते आए हैं। प्रदेश कार्यसमिति की अगली बैठक दिसंबर में प्रस्तावित है।
बैठक के अंतिम दिन भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) रामलाल ने अपने एक घंटे के भाषण में भाजपा नेताओं को फटकारा भी और पुचकारा भी। उन्होंने नेताओं को मोदी का मैकेनिज्म समझाया। उन्होंने कहा कि हर भाजपाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह लक्ष्य तय कर काम करे। सकारात्मक सोच के साथ जीत का माइंड सेट लेकर आगे बढ़े। पार्टी में परिवारवाद को रोको और पार्टी को परिवार की तरह समझो। पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद रमेश चंद्र पोखरियाल निशंक ने कहा कि प्रदेश में सरकार के भीतर और बाहर अराजकता की स्थिति है जिससे सरकार आत्महत्या के करीब पहुंच गई है। रुद्रपुर में चली तीन दिवसीय भाजपा प्रदेश कार्य समिति की बैठक में पहुंचे राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) शिवप्रकाश सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि दुर्योधन को पता था कि जो वह कर रहा है वह अधर्म है, लेकिन वह फिर भी करता रहा। उन्होंने नेताओं को चेताया कि जानबूझकर अधर्म की राह मत चलो, वर्ना महाभारत के दुर्योधन जैसा हश्र होगा। उन्होंने कहा कि हमारे कुछ नेता भी अधर्म के मार्ग पर हैं, गुटबाजी को हवा देकर पार्टी का नुकसान पहुंचा रहे हैं, वो समझ लें कि नतीजा उनके हक में नहीं आएगा। सह महामंत्री कि कहा कि नरेंद्र मोदी की तरह लक्ष्य तय कर आगे बढ़ो, अभी यह तय होना चाहिए कि 2017 में हमारा एजेंडा क्या होगा। उन्होंने संगठन को नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने और लक्ष्य निर्धारित कर उसे भेदने की नसीहत दी। शिवप्रकाश ने कहा कि मोदी के प्रधानमंत्री बनते ही देश में सुशासन की झलक दिखने लगी है। प्रदेश भाजपा को भी इसकी जरूरत है। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर केवल मीटिंग, सिटिंग और चीटिंग का खेल हो रहा है। विधानसभा उपचुनाव व पंचायतों में हमें कांग्रेस से नहीं बल्कि भाजपाइयों से ही शिकस्त मिली है।
अध्यक्षीय भाषण में प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत ने पार्टी में चली आ रही गुटबाजी को समाप्त करने के लिए तीखे तेवर अपनाए। उन्होंने कहा कि अभी तक जो कांग्रेस में होता था वैसा भाजपा में भी दिखने लगा है। यह ठीक नहीं है। समीक्षा हो रही है, कोई कितना भी बड़ा पदाधिकारी, सांसद, विधायक हो दोषी पाया गया तो कार्रवाई होगी। पूरे देश में भाजपा का परचम लहराने के बाद तुरंत उत्तराखंड में पंचायत और विधानसभा उपचुनाव की हार भाजपा को भुलाकर आगे बढ़ने के लिए एक साथ कार्यसमिति में बैठे भाजपा नेताओं ने उसे फिर से हरा कर दिया। किसी ने नसीहत दी तो किसी ने मरहम लगाने की कोशिश भी की। सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने डोईवाला सीट पर मिली हार पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि वहां कांग्रेस ने दो लोगों को मैनेज कर चुनाव जीत लिया। बावजूद भाजपा के वोटों में भारी बढ़ोत्तरी हुई। कहा कि आरोप तो वो भी लगा सकता है जो अपना बूथ जीतने की स्थिति में नहीं है। आखिर आपसी तकरार की जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने कहा कि हमे नरेंद्र मोदी के पदचिन्हों पर आगे बढ़ना होगा।
भाजपा नेता अब जान चुके हैं कि पंचायत चुनाव और उपचुनाव में मुख्यमंत्री हरीश रावत की रणनीति ने ही उन्हें चारो खाने चित किया है। सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने अपने सम्बोधन में स्पष्ट तौर पर कहा कि इस दौरान उन्होने तीरथ और निशंक दोनों को सुना, यह ध्यान रहना चाहिए कि राजनीति में जब दूसरों के हक हकूक पर डांका पड़ता है तभी अंतरकलह का दौर शुरू होता है। उन्होंने भाजपा नेताओं को चेताया कि प्रदेश का सीएम सरल आदमी नहीं है। वह महातिकड़मी है, सभी कलाओं में निपुण है। इसलिए एक होकर लड़ों तभी बात बनेगी, वर्न 2017 की जंग आसान नहीं होगी। उन्होंने कहा कि कोई मुझे गाली दे दें तो कोई बात नहीं, लेकिन उससे पार्टी को नुकसान नहीं होना चाहिए। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बची सिंह रावत ने बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव रखा। जिसे विधायक मदन कौशिक ने समर्थन किया और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोहर कांत ध्यानी व पूरण चंद शर्मा ने उसका अनुमोदन किया।
बच्ची सिंह का राजनितीक प्रस्ताव
-ः झूठे वादों के साथ सत्ता में आई कांग्रेस सरकार असफल हो चुकी है।
-ः सिडकुल में हीरो मोटो कार्प को छूट देने के रूप में 266 करोड़ का घपला हरीश सरकार ने किया और डीएम कोर्ट ने स्टांप चोरी के मामले में कंपनी पर 111 करोड़ की पेनल्टी लगाई।
-ः भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए पूर्व की भाजपा सरकार लोकायुक्त बिल लाई थी लेकिन कांग्रेस सरकार ने आते ही खत्म कर दिया।
-ः अटल खाद्यान्न योजना को भी बंद कर दिया, जो फिर से शुरू होनी चाहिए।
-ः प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति अत्यंत खराब है, बलात्कार व ट्रिपल मर्डर जैसे जघन्य अपराध हो रहे है।
-ःउद्योगों में श्रम कानूनों का उल्लंघन हो रहा है जिसके शिकार प्रदेश के युवा हो रहे है।
-ः 150 से ज्यादा दायित्वधारी बनाकर राजकोश पर सरकार ने हर माह करोड़ों रुपए का भार डाल दिया है।
-ः राज्य में सड़क, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव हो गया है।
राज्य में जिसकी सरकार होती है वही सिंकन्दर-रामलाल
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) रामलाल ने पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को अनुशासन व एकजुटता का पाठ पढ़ाया। साथ ही हिदायत दी कि कोई भी पदाधिकारी पार्टी से बड़ा नहीं है और यदि कोई पार्टी विरोधी गतिविधियों में पाया गया तो उसके खिलाफ गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी। रामलाल ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन काल में राज्य का बंटाधार हो चुका है, कानून व्यवस्था चैपट हो चुकी है, अपराधियों का बोलबाला है। लूट, हत्या, डकैती की वारदातों से लोग सहमे हुए हैं। मुख्यमंत्री हरीश रावत जब केंद्र में मंत्री थे तब उन्होंने कांग्रेस शासनकाल में केंद्र से राज्य के विकास के लिए कोई सहयोग नहीं मांगा और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राज्य के विकास के लिए सहयोग मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में आई दैवीय आपदा के दौरान नरेंद्र मोदी राज्य में आए थे और केदारनाथ घाटी में आई आपदा को लेकर सरकार से र्चचा की थी। उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार केंद्र सरकार को सहयोग दे तो केंद्र सरकार भी राज्य के विकास में सहयोग करेगी। भाजपा ने कठिन परिस्थितियों में राज्य के विकास के लिए कार्य किया था और 10 वर्ष के लिए विशेष पैकेज दिया था, लेकिन पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने इस पैकेज की अवधि नहीं बढ़ाई, जिस कारण राज्य का विकास अवरुद्ध हुआ है। उपचुनाव में भाजपा को मिली हार पर रामलाल ने कहा कि उपचुनाव में अमूमन राज्य में जिसकी सरकार होती है, उसी की जीत होती है क्योंकि सरकार चुनाव में कई संसाधनों का दुरुपयोग करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2017 से पहले ही होने वाले हैं।
बैठक के अंतिम दिन भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) रामलाल ने अपने एक घंटे के भाषण में भाजपा नेताओं को फटकारा भी और पुचकारा भी। उन्होंने नेताओं को मोदी का मैकेनिज्म समझाया। उन्होंने कहा कि हर भाजपाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह लक्ष्य तय कर काम करे। सकारात्मक सोच के साथ जीत का माइंड सेट लेकर आगे बढ़े। पार्टी में परिवारवाद को रोको और पार्टी को परिवार की तरह समझो। पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद रमेश चंद्र पोखरियाल निशंक ने कहा कि प्रदेश में सरकार के भीतर और बाहर अराजकता की स्थिति है जिससे सरकार आत्महत्या के करीब पहुंच गई है। रुद्रपुर में चली तीन दिवसीय भाजपा प्रदेश कार्य समिति की बैठक में पहुंचे राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) शिवप्रकाश सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि दुर्योधन को पता था कि जो वह कर रहा है वह अधर्म है, लेकिन वह फिर भी करता रहा। उन्होंने नेताओं को चेताया कि जानबूझकर अधर्म की राह मत चलो, वर्ना महाभारत के दुर्योधन जैसा हश्र होगा। उन्होंने कहा कि हमारे कुछ नेता भी अधर्म के मार्ग पर हैं, गुटबाजी को हवा देकर पार्टी का नुकसान पहुंचा रहे हैं, वो समझ लें कि नतीजा उनके हक में नहीं आएगा। सह महामंत्री कि कहा कि नरेंद्र मोदी की तरह लक्ष्य तय कर आगे बढ़ो, अभी यह तय होना चाहिए कि 2017 में हमारा एजेंडा क्या होगा। उन्होंने संगठन को नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने और लक्ष्य निर्धारित कर उसे भेदने की नसीहत दी। शिवप्रकाश ने कहा कि मोदी के प्रधानमंत्री बनते ही देश में सुशासन की झलक दिखने लगी है। प्रदेश भाजपा को भी इसकी जरूरत है। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर केवल मीटिंग, सिटिंग और चीटिंग का खेल हो रहा है। विधानसभा उपचुनाव व पंचायतों में हमें कांग्रेस से नहीं बल्कि भाजपाइयों से ही शिकस्त मिली है।
अध्यक्षीय भाषण में प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत ने पार्टी में चली आ रही गुटबाजी को समाप्त करने के लिए तीखे तेवर अपनाए। उन्होंने कहा कि अभी तक जो कांग्रेस में होता था वैसा भाजपा में भी दिखने लगा है। यह ठीक नहीं है। समीक्षा हो रही है, कोई कितना भी बड़ा पदाधिकारी, सांसद, विधायक हो दोषी पाया गया तो कार्रवाई होगी। पूरे देश में भाजपा का परचम लहराने के बाद तुरंत उत्तराखंड में पंचायत और विधानसभा उपचुनाव की हार भाजपा को भुलाकर आगे बढ़ने के लिए एक साथ कार्यसमिति में बैठे भाजपा नेताओं ने उसे फिर से हरा कर दिया। किसी ने नसीहत दी तो किसी ने मरहम लगाने की कोशिश भी की। सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने डोईवाला सीट पर मिली हार पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि वहां कांग्रेस ने दो लोगों को मैनेज कर चुनाव जीत लिया। बावजूद भाजपा के वोटों में भारी बढ़ोत्तरी हुई। कहा कि आरोप तो वो भी लगा सकता है जो अपना बूथ जीतने की स्थिति में नहीं है। आखिर आपसी तकरार की जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने कहा कि हमे नरेंद्र मोदी के पदचिन्हों पर आगे बढ़ना होगा।
भाजपा नेता अब जान चुके हैं कि पंचायत चुनाव और उपचुनाव में मुख्यमंत्री हरीश रावत की रणनीति ने ही उन्हें चारो खाने चित किया है। सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने अपने सम्बोधन में स्पष्ट तौर पर कहा कि इस दौरान उन्होने तीरथ और निशंक दोनों को सुना, यह ध्यान रहना चाहिए कि राजनीति में जब दूसरों के हक हकूक पर डांका पड़ता है तभी अंतरकलह का दौर शुरू होता है। उन्होंने भाजपा नेताओं को चेताया कि प्रदेश का सीएम सरल आदमी नहीं है। वह महातिकड़मी है, सभी कलाओं में निपुण है। इसलिए एक होकर लड़ों तभी बात बनेगी, वर्न 2017 की जंग आसान नहीं होगी। उन्होंने कहा कि कोई मुझे गाली दे दें तो कोई बात नहीं, लेकिन उससे पार्टी को नुकसान नहीं होना चाहिए। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बची सिंह रावत ने बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव रखा। जिसे विधायक मदन कौशिक ने समर्थन किया और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोहर कांत ध्यानी व पूरण चंद शर्मा ने उसका अनुमोदन किया।
बच्ची सिंह का राजनितीक प्रस्ताव
-ः झूठे वादों के साथ सत्ता में आई कांग्रेस सरकार असफल हो चुकी है।
-ः सिडकुल में हीरो मोटो कार्प को छूट देने के रूप में 266 करोड़ का घपला हरीश सरकार ने किया और डीएम कोर्ट ने स्टांप चोरी के मामले में कंपनी पर 111 करोड़ की पेनल्टी लगाई।
-ः भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए पूर्व की भाजपा सरकार लोकायुक्त बिल लाई थी लेकिन कांग्रेस सरकार ने आते ही खत्म कर दिया।
-ः अटल खाद्यान्न योजना को भी बंद कर दिया, जो फिर से शुरू होनी चाहिए।
-ः प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति अत्यंत खराब है, बलात्कार व ट्रिपल मर्डर जैसे जघन्य अपराध हो रहे है।
-ःउद्योगों में श्रम कानूनों का उल्लंघन हो रहा है जिसके शिकार प्रदेश के युवा हो रहे है।
-ः 150 से ज्यादा दायित्वधारी बनाकर राजकोश पर सरकार ने हर माह करोड़ों रुपए का भार डाल दिया है।
-ः राज्य में सड़क, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव हो गया है।
राज्य में जिसकी सरकार होती है वही सिंकन्दर-रामलाल
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) रामलाल ने पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को अनुशासन व एकजुटता का पाठ पढ़ाया। साथ ही हिदायत दी कि कोई भी पदाधिकारी पार्टी से बड़ा नहीं है और यदि कोई पार्टी विरोधी गतिविधियों में पाया गया तो उसके खिलाफ गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी। रामलाल ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन काल में राज्य का बंटाधार हो चुका है, कानून व्यवस्था चैपट हो चुकी है, अपराधियों का बोलबाला है। लूट, हत्या, डकैती की वारदातों से लोग सहमे हुए हैं। मुख्यमंत्री हरीश रावत जब केंद्र में मंत्री थे तब उन्होंने कांग्रेस शासनकाल में केंद्र से राज्य के विकास के लिए कोई सहयोग नहीं मांगा और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राज्य के विकास के लिए सहयोग मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में आई दैवीय आपदा के दौरान नरेंद्र मोदी राज्य में आए थे और केदारनाथ घाटी में आई आपदा को लेकर सरकार से र्चचा की थी। उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार केंद्र सरकार को सहयोग दे तो केंद्र सरकार भी राज्य के विकास में सहयोग करेगी। भाजपा ने कठिन परिस्थितियों में राज्य के विकास के लिए कार्य किया था और 10 वर्ष के लिए विशेष पैकेज दिया था, लेकिन पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने इस पैकेज की अवधि नहीं बढ़ाई, जिस कारण राज्य का विकास अवरुद्ध हुआ है। उपचुनाव में भाजपा को मिली हार पर रामलाल ने कहा कि उपचुनाव में अमूमन राज्य में जिसकी सरकार होती है, उसी की जीत होती है क्योंकि सरकार चुनाव में कई संसाधनों का दुरुपयोग करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2017 से पहले ही होने वाले हैं।


