Tuesday, May 19, 2020

बच्चों ने पुनः रिकार्ड किया महाभारत के शिर्षक संगीत को

||बच्चों ने पुनः रिकार्ड किया महाभारत शिर्षक संगीत||

वीडियो को सुनने के लिए लिंक पर क्लिक करें।

लगभग 40 दिन से अधिक तक कोरोना संकट में पूर्ण रूप से लाॅकडाउन रहा है। इस दौरान लोगो ने अपने अपने स्तर से घरो में रहकर कई सृजनशील कार्य भी किये है। इसी दौरान सरकार ने महाभारत के सीरियल को पुनः प्रसारण करवा दिया था। 

दूरदर्शन पर प्रससारित इस सीरियल ने कईयों पर अपनी छाप छोड़ी है। देहरादून स्थित अशिंका और आयुष दो भाई बहनो ने महाभारत के शिषक संगीत को मोबाईल पर ही पुनः रिकार्ड कर दिया है। बता दें कि बहुत ही सुरीला कंठ। 

एकदम ताल और स्वर का समावेश। वही भावनाऐं। और बहुत कुछ है इन बाल कलाकारो के कंठ में। एक बार अवश्य सुने। यहां गाया गया है महाभारत सीरियल का शिर्षक संगीत।

ज्ञात हो कि कोरोना संकट के दौरान हुए लाॅकडाउन में महाभारत सीरियल का पुनः प्रसारण किया गया था। महाभारत का प्रसारण पूर्ण हो चुका है। मगर कुछ बच्चो के सिर आज भी महाभारत सीरियल के स्वर चढकर बोल रहे है। यहां अशिंका और आयुष दोनो भाई बहनो ने मिलकर महाभारत सीरियल के शिषक गीत को उसी अन्दाज में पुनः गाया है।

Sunday, May 17, 2020

पत्रकार आशिष डोभाल लापता, पुलिस खाली हाथ

पत्रकार आशिष डोभाल लापता, पुलिस खाली हाथ

||By Prem Pancholi||


वरिष्ठ पत्रकार आशिष डोभाल पिछले तीन दिन से अपने निवास स्थित देहरादून से लापता है। जबकि उनकी पत्नी ने लक्खाीबाग और डालनवाला पुलिस चैकी में इस बावत गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करवाई है। किन्तु तीन दिन से श्री डोभल का कोई पता नहीं चल पा रहा है। पुलिस अपना पल्ला झाड़ते हुए ढूंढने की बात कह रही है।

उल्लेखनीय हो कि पत्रकार आशिष देहरादून के चन्दरनगर में पत्नी बच्चो और अपनी मां के साथ रहता है। श्री डोभाल ने अब तक हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, अमर उजाला सहित कई अखबारो मे लम्बे समय तक काम किया है। वर्तमान में वह दैनिक पंजाब केशरी उत्तराखण्ड संस्करण में कार्यरत था। अचानाक श्री डोभाल का अपने निवास से गायब होना ही सन्देहस्पद है। यहां तक कि पुलिस भी इस मामले में कई खास दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। जबकि मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट के बयान के अनुसार उन्होने एसओजी को पत्रकार आशिष के खोजबीन की बात कही है।

चौंकाने वाला तथ्य यह है कि दो-दो पुलिस केन्द्रो में पत्रकार आशिष की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज है। बता दें कि जहां से पत्रकार आशिष लापता हुआ है, उस क्षेत्र में पुलिस के सीसीटीवी कैमरे मौजूद है। यदि पत्रकार आशिष चन्दरनगर से त्यागी रोड़ की तरफ आया होगा तो प्रिंस चैक स्थित पुलिस के ही सीसीटीवी कैमरे है। इसी तरह यदि वह रेलवे स्टेशन की तरफ आया है तो वहां भी सीसीटीवी कैमरे है। माना कि पत्रकार आशिष रेसकोर्स की तरफ आया है तो हरिद्वार रोड़ पर रेसकोर्स चैक पर भी संभवतः सीसीटीवी कैमरे मौजूद है। यही नहीं वर्तमान में तो देहरादून शहर में कोई भीड़-भाड़ भी नहीं है। इस तरह पत्रकार आशिष को सीसीटीवी कैमरे में देखा जा सकता है। अतः पुलिस सिर्फ खोजबीन की बात कह रही है।

कुलमिलाकर पत्रकार आशिष की तीन दिन तक पुलिस कोई खोजबीन नहीं कर पा रही है। ऐसे में सवाल और गहराता जा रहा है। आखिर पत्रकार आशिष को जमीन निगल गई या आसमान खा गया। इधर उनके परिवार के लोग कुछ समझ ही नहीं पा रहे है। कहते हैं कि वह तो जब कही भी जाते थे तो फोन सदैव साथ लेकर जाते थे। उनकी पत्नी के अनुसार 15 मई को पत्रकार आशिष सुबह बिना बताये कहीं निकल गये। देर रात तक जब वापस नही आये तो उन्हे पुलिस को इतला करना पड़ा। पत्रकार आशिष की पत्नी, बच्चे और बुजुर्ग माता को किसी अनहोनी का खतरा डरा रहा है।

समुदाय को गाली। समुदाय में रोष व्याप्त। लोक कलाकरो ने भी इस गीत की भर्त्सना की है।

यह व्यक्ति जिनका नाम लोग मनोज सागर बता रहे है। वे यहां जो गीत गा रहे है यह व्यक्ति ढोली समुदाय को बहुत अभद्र गाली दे रहे है। मनोज सागर नाम क...