नई सीटी पैट्रोलिंग यूनिट की आवश्यकता
Prem Pancholi
देहरादून में अस्थाई
राजधानी बनने
के बाद
यातायात का
बढना स्वाभाविक
था। सो
तीव्र गति
से बढते
यातायात को
काबू में
रखने के
लिए आये
दिन पुलिस
विभाग ने
कई तौर-तरिके अपनाये
है। इन
तरिको में
एक नायाब
तरिका मोटरसाईकिल
(दो पहिया
वाहन) वालो
पर नकेल
कसने को
सामने आया।
यदि राह
पर दो
पहिया चलाने
वालो ने
काली ड्रेस
वाली पुलिस
(सीटी पैट्रोलिंग
पुलिस) देख
ली तो
क्या मजाल
कि वह
उसी रास्ते
गुजरे। इस
यातायात व्यवस्था
सुधार में
कई मर्तबा
अच्छे व
वरिष्ठ नागरिक
भी काली
वर्दीधारी पुलिस की शिकार हुए।
इस कार्य
में कितना
अच्छा व
बुरा हुआ
इस बात
का मालूम
तो पुलिस
विभाग के
अधिकारी अच्छे
तरीके से
बता सकते
हैं। अब
राजधानी में
इस विभाग
को एक
और कदम
उठाना होगा।
वह है
राजधानी मंे
फैलता हुआ
नशा का
व जमीन
कब्जाने का
करोबार। क्या
इसी तरीके
की पुलिस
तैयार नही
करवाई जा
सकती? की
जो माफिया
गिरोह राज्य
में नशे
का कारोबार
व जमीनो
को कब्जाने
का कारोबार
फैला रहा
है उस
पर कानून
नकेल कसी
जा सके?
बतातें चले
कि राज्य
में ड्रग्स
व अन्य
नशे की
वारदातो की
खबरें भी
पुलिस के
मार्फत अखबारो
की सिर्फ
व सिर्फ
सुर्खियां ही बनती है। परन्तु
इन पर
किस तरह
की कार्यवाही
हुई वह
अब तक
सामने नहीं
आया है।
नशे के
करोबार में
लिप्त लोगो
को सलाखों
जैसी सजा
देने से
यह कारोबार
बन्द नहीं
हो जाता
और ना
ही अब
तक बन्द
हुआ है।
राजधानी के
काॅलेजो में
अध्ययन करेंगे
तो सर्वाधिक
नशे का
बाजार यहीं
मौजूद मिलेगा।
इसी तरह
जमीन कब्जाने
का बाजार
भी विभिन्न
नामो से
प्रचारित फलां-फलां वैली,
फलां-फलां
फ्लैट वगैरह
जो बनने
जा रहे
है और
जो बन
चुके है
उनके पास
50 फीसदी जमीन
या तो
गरीब की
है या
सरकार व
वन विभाग
की उन
माफियाओं ने
हथिया रखी
है। अब
जरूरत यह
है कि
सरकार के
स्तर पर
इन गैर
कानूनी काम
करने वालो
पर उचित
कानूनी कार्यवाही
हो इसके
लिए विशेष
तैयारी करनी
होगी। मगर
पुलिस विभाग
को भी
मुस्तैद होना
होगा कि
क्या वह
इन अवैध
धन्धो को
पनपाने वालो
पर नकेल
कसने व
इस अवैध
कारोबार को
प्रतिबन्धित करने के लिए नई
काली वर्दीधारी
पुलिस यानी
सीटी पैट्रोलिंग
यूनिट तैयार
नहीं कर
सकती? इसलिए
कह रहा
हूं कि
जब भी
इस तरह
के कारनामें
सामने आते
हैं तो
पुलिस को
इसमें कार्यवाही
करनी पड़ती
है। अर्थात
देहरादून शहर
की शाख
को बचाने
के लिए
एक अदद
नई सीटी
पैट्रोलिंग यूनिट (एनसीपीयू) की नितान्त
आवश्यकता है।