पिछले माह के अन्तिम सप्ताह में सोसायटी फाॅर एफोरटेशन, कंन्जवेषन, रिसर्च एण्ड इन्वायरमेंटन डेवपलपमेंट (सेक्रड) संस्था के बैनर तले मसूरी के पास पानी वाले मोड़ से लेकर डोम गांव तक चारा पत्ति व पीला अमलतास फूल के लगभग पांच सौ वृक्षो को रोपण किया गया। यह कार्य संस्था के प्रमुख कार्यकर्ताओं ने खुद की सहभगिता से किया है। सेकर्ड संस्था के अध्यक्ष दिनेष कण्डवाल ने कहा है कि वृक्षारोपण का मतलब सिर्फ रोपण करने से नही हैं। कहा कि वे इस वृक्षारोपण कार्यक्रम को एक उदाहरण प्रस्तुत करना चाहते है। इसके लिए संस्था ने दो गांवो का चयन किया है साकेत गांव जहां पर समाज के निम्न वर्ग के लोग रहते है। तथा दूसरा मसूरी के पास डोम गांव इस गांव में उत्तराखण्ड राज्य के प्रख्यात साहित्यकार दिवंगत उमाषंकर सतीष रहते थे। उनके जाने के बाद यहां माहौल उजाड़ जैसे हो गया है। कहा कि वे संस्था के मार्फत इन दो गांवो को पर्यावरण से लेकर विकास के पायदान तक में एक आदर्ष गांव की आधारषीला रखना चाहते हैं। उनका यह पहला प्रयास है। भविश्य में गांवो में जहां स्वरोजगार के साधन उपलब्ध होंगे वही ये गांव पर्यावरण संरक्षण की भी मिषाल होंगे। संस्था के सचिव डा॰ रवि रावत ने कहा कि पहाड़ी गांवो को ‘‘होम स्टे’’ के लिए यदि तैयार किया जाये तो यही पर्यटन रोजगार और राजस्व का साधन बनेगा।
इस दौरान वृक्षारोपण कार्यक्रम में गढवाल सभा के अध्यक्ष टी एस असवाल, जुबल किषोर,, प्राजंल, डोम गांव के दिनेष ममगांई, देवेन्द्र सिंह पंवार सहित पत्रकार प्रेम पंचोली और गांव के अन्य लोग मौजूद थे।