Monday, April 1, 2019

सत्य से नाता जोड़ो और मायावी पदार्थों से बचो

सत्य से नाता जोड़ो और मायावी पदार्थों से बचो

प्रेम पंचोली

सद्गुरु हमें सच के साथ जोड़कर सच्च का रिश्ता कायम करता है। जो मायावी पदार्थों से अलग होता है। जो आंखों से दिखाई देता है व सब नाशवान है। जो नजर नहीं आता एहसास किया जाता है वह परमात्मा है। अजर है, अमर है, अविनाशी है, कायम-दायम है, एक रस है। इसी के साथ ज्ञान के द्वारा सद्गुरु हमें जोड़ता है। उक्त उद्गार सन्त निरंकारी मण्डल के तत्वाधान में आयोजित रविवारीय सत्संग कार्यक्रम त्यागी रोड़ स्थित ज्ञान प्रचारक पूज्य कर्नल सी0एस0 तूर (रिटा.) ने आयी हुई साध संगत को देहरादून में कही।

उन्होंने कहा कि ज्ञान का तात्पर्य परमात्मा का बोध हैं जो हमें सद्गुरु संसारिक पदार्थों से ऊपर उठकर जीवन जीने की कला सिखाता है। बचपन, जवानी, बुढ़ापा यह परिवर्तन जीवन में होना ही है। आत्मा सदा एक रस रहती है। जो हमें हमेशा आनन्द के साथ जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है। सद्गुरु हमें मर्यादा में रहकर दया, करुणा, प्रेम, नम्रता, सबर, संतोष के दिव्यगुणों को मानव हृदय में निरंतर झरने के रूप में बहने की युक्ति देता है।

उन्होंने साध संगत को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य का शरीर माया है माया में रहकर जीवन जीना पड़ता है। सद्गुरु माया में रखकर मायापती परमात्मा के साथ जोड़कर जीवन को सुखमय बनाता है जिससे हमें सच्चे रिश्तों की पहचान होती है। सद्गुरु हमारे साथ में सच्चा रिश्ता निभाता है। जो हमें हरपल अपने ज्ञानरूपी अमृतवर्षा करके जीवन को खुशहाल करता है। सत्संग समापन से पूर्व अनेकों प्रभु-प्रेमियों, भाई-बहनों एवं नन्हे-मुन्ने बच्चों ने गीतों एवं प्रवचनों के माध्यम से निरंकारी माता सुदीक्षाजी महाराज की कृपाओं का व्याख्यान कर संगत को निहाल किया। इस दौरान मंच का संचालन अजय कम्बोज ने किया।
सम्र्पक 9411724687ए 8126632271

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